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प्रमाण · अनुमति · मर्यादा · सुधार

स्रोत एवं प्रकाशन नीति

यह डिजिटल धाम श्रद्धा और प्रमाण को एक साथ रखता है। जीवनी, परम्परा, संस्था, वाङ्मय और चित्रों का प्रत्येक सार्वजनिक परिचय उत्तरदायित्व और मर्यादा के साथ प्रस्तुत है।

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सत्य और श्रद्धा की संयुक्त मर्यादा

श्रद्धापूर्ण भाषा तथ्य की शुद्धता का विकल्प नहीं है, और तथ्य की भाषा श्रद्धा से रिक्त नहीं होनी चाहिए। इसलिए ऐतिहासिक कथन, आध्यात्मिक स्मरण और वर्तमान संस्थागत जानकारी अपने-अपने उचित स्वर में प्रस्तुत किए जाते हैं।

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हिन्दी और अंग्रेज़ी की समानता

जो सार्वजनिक तथ्य और अर्थ हिन्दी में उपलब्ध हैं, वही अंग्रेज़ी में भी उपलब्ध होने चाहिए; और अंग्रेज़ी का कोई अतिरिक्त सार्वजनिक दावा हिन्दी से बाहर नहीं रखा जाता।

अनुवाद शब्दशः अनुकरण नहीं, बल्कि तथ्य, भाव, पदवी और धार्मिक मर्यादा की समान अभिव्यक्ति है।

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चित्र, पहचान और अनुमति

ऐतिहासिक चित्र उनके विषय और प्रसंग के साथ उपयोग किए जाते हैं। किसी अज्ञात व्यक्ति की पहचान अनुमान से नहीं लिखी जाती और निजी चित्र बिना उचित अनुमति के प्रकाशित नहीं किए जाते।

चित्रों को केवल सजावट के रूप में नहीं, बल्कि जीवन, परम्परा और संस्थागत स्मृति को समझने में सहायक दृश्य-साक्ष्य के रूप में रखा जाता है।

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सुधार की सतत प्रक्रिया

अधिक प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध होने पर सार्वजनिक सामग्री को सम्मानपूर्वक सुधारा जाता है। तथ्य-सुधार हेतु स्रोत, स्पष्ट विवरण और अधिकृत सम्पर्क का उपयोग अपेक्षित है।

सुधार हिन्दी और अंग्रेज़ी दोनों संस्करणों, सम्बद्ध पृष्ठों, आंतरिक लिंक और संरचित metadata में एक साथ लागू किया जाता है।